कश्मीर पर खुद से झूठ बोलना छोड़ें!

 

गैर सरकारी संगठन एमनेस्टी इंटरनेशन इंडिया के कार्यकारी निदेशक ने कश्मीर की मौजूदा स्थिति का आकलन करते हुए सवाल किया है कि क्या हम यह स्वीकार कर लेंगे कि सरकार मुंबई, दिल्ली या बेंगलुरू में मीडिया पर ताला लगा दे? उनका कहना है—हाँ, लेकिन तभी जबकि इन शहरों में सैनिक प्रदर्शनकारियों को मारने या अपंग बनाने के लिए लगातार गोलीबारी करते हों।

आकार पटेल ने अखबार मिंट में इस मुद्दे पर लेख लिखा है। वे लिखते हैं— कश्मीर में किसका नियंत्रण है? उत्तर तो यही लगता है कि किसी का भी नहीं। क्योंकि हिंसा लगातार जारी है और मरने वालों की सूची लंबी होती जा रही है, हम समाचारों में पढ़ रहे हैं कि जनप्रतिनिधि भी अपनी जनता तक जाने से डर रहे हैं और मुख्यमंत्री ‘नकारा’ हुई बैठी हैं। इसका क्या मतलब निकलता है?

वहीं गृह मंत्री ने घटनाओं का जो विश्लेषण किया है उसके अनुसार जो कुछ भी वहाँ चल रहा है वह पूरी तरह से पाकिस्तान प्रायोजित है यानी ‘कराया जा रहा’ है। यही नहीं, यह भी कि ‘कश्मीरी हमारे अपने लोग हैं। हम उन्हें सही राह पर लाएंगे… हम उन्हें वास्तविकता से अवगत कराएंगे।’ सही रास्ता, निसंदेह रूप से वह जो हमने उनके लिए चुना है।

आकार पटेल के अनुसार इस बार हमें बताया गया है कि सारी घटनाएँ पाकिस्तान की कारस्तानी है जो कि दुष्ट है आदि-आदि। हम पर कोई आरोप नहीं। और अगर हमने अनजाने में कोई ग़लती की है तो हम उसे सुधारेंगे। लेकिन फिलहाल, हालांकि यह कहा नहीं गया है, तो हम भारतीयों पर गोलीबारी करते रहेंगे। यह बना बनाया फार्मूला है। जब टेलीविजन व रेडियो पर सरकार का नियंत्रण होता है तो यह काम करता है। लेकिन जब पीड़ितों व प्रभावितों की सोशल मीडिया तक पहुँच हो और वे दुनिया तक सीधी पहुँच कायम कर सकें तो यह फार्मूला काम नहीं करता।

अपने आलेख में आकार पटेल ने कश्मीर में मीडिया के खिलाफ सरकार की पाबंदियों का भी जिक्र किया है। उन्होंने दूरदर्शन जैसे सरकारी मीडिया में आंदोलनकारियों के लिए ‘असामाजिक तत्व’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल और पंजाब के हिंसक दौर की भी चर्चा की है।

आकार पटेल ने अपने आलेख का निष्कर्ष कुछ इस तरह से निकाला है कि हम कश्मीर, पूर्वोत्तर व आदिवासी इलाकों में भारत सरकार के व्यवहार को लेकर लंबे समय से चुप रहे हैं। लेकिन यह साल 2016 है और इसके बारे में खुद से अब और झूठ बोलना मेरे लिए शर्मनाक है।

आकार पटेल का पूरा आलेख यहां पढ़ें।

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Source - आकार पटेल, मिंट