पगार का सवाल

BY Nalin | PUBLISHED: 2 September 2016

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अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनल्ड ट्रम्प द्वारा अमेरिका में मेक्सिको के अवैध प्रवासियों के मुद्दे को तूल दिए जाने के बीच समाचार साप्ताहिक इकोनोमिस्ट ने पड़ताल करने का प्रयास किया है कि अल्पकौशल वाले प्रवासी कामगारों का सर्वाधिक बुरा आर्थिक प्रभाव किनपर पड़ता है.

रिपोर्ट के अनुसार यों तो वर्ष 2000 के 16 लाख के मुकाबले 2015 में अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर दो लाख से भी कम मेकिस्कन अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश के प्रयासों में पकड़े गए, लेकिन अवैध प्रवासी एक समस्या हैं इससे इनकार नहीं किया जा सकता. ताजा आंकड़ो के अनुसार अमेरिका के श्रमिकों में 5 प्रतिशत भागीदारी ऐसे लोगों की है जिन्हें कायदे से अमेरिका में होना ही नहीं चाहिए था. ऐसे अवैध प्रवासियों में आधे मेक्सिकन हैं.

पत्रिका की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका में इस बाद को लेकर विशेषज्ञों के बीच बहस गरमा गई है कि अल्पकौशल के प्रवासियों (वैध और अवैध दोनों) का औसत तनख्वाह पर क्या असर पड़ता है. हालांकि विशेषज्ञों के बीच एक बात पर ज़रूर एका है कि अवैध प्रवासी वास्तव में वैध प्रवासी कामगारों के प्रत्यक्ष प्रतियोगी होते हैं नकि स्थानीय मूल के कामगारों के. इसका प्रधान कारण है प्रतियोगिता बढ़ने की स्थिति में स्थानीय कामगारों के अपनी बेहतर अंग्रेजी की सहायता से उच्चतर कौशल का प्रशिक्षण हासिल करने में सफल रहना.

इस विषय पर वर्षों से अनुसंधान कर रहे विशेषज्ञ बर्कले स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के डेविड कार्ड की मानें तो बुरे-से-बुरे परिदृश्य में भी पिछले दो दशकों में प्रवासी कामगार स्कूल की पढ़ाई बीच में छोड़ नौकरीपेशा बनने वाले स्थानीय लोगों की पगार में 5 प्रतिशत की कमी की वजह बने होंगे, जोकि कोई बड़ी चिंता का विषय नहीं है.

इकोनोमिस्ट की रिपोर्ट के अनुसार कई अध्ययनों से यह बात साबित हो चुकी है कि एक औसत अवैध प्रवासी कामगार प्रतिघंटे काम के लिए वैध श्रमिकों के मुकाबले कम भुगतान पाता है. उनकी इस स्थिति का आर्थिक फायदा वह वर्ग उठाता है जो काम के लिए उनसे प्रतियोगिता में नहीं है.

रिपोर्ट के अंत में एक काल्पनिक सवाल किया गया है कि यदि ट्रम्प राष्ट्रपति चुने जाते हैं और वायदे के अनुसार सारे अवैध प्रवासियों को जबरन स्वदेश भेजते हैं तो अर्थव्यवस्था पर कितना बुरा असर होगा? इसके जवाब में एरिजोना प्रांत में 2007 में अवैध प्रवासियों के खिलाफ चलाए गए धरपकड़ अभियान का उदाहरण दिया गया है. उक्त अभियान के कारण प्रांत की अर्थव्यवस्था 2 प्रतिशत सिकुड़ गई थी.  अवैध प्रवासियों को जबरन निकालने के किसी बड़े अभियान से अधिकांश कामगारों की पगार कम होगी, हालांकि ऐसे किसी अभियान का उस वर्ग को फायदा मिलेगा जो वैध रूप से अमेरिका आकर श्रम कर रहा है.

इकोनोमिस्ट की पूरी रिपोर्ट अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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Source - इकोनोमिस्ट

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2 September 2016