प्रकाश कौर बीबी: 60 बेटियां और एक माँ

BY Shivkant | PUBLISHED: 18 July 2016

 

पंजाब के जालंधर शहर में सड़क किनारे, कूड़ेदानों में छोड़ दी गईं बच्च्यिों को बचाने और उनका पालन पोषण करने का काम रही हैं प्रकाश कौर बीबी। बीते 23 साल से वे ऐसी बच्चियों का सहारा बनी हुईं हैं और उन्हें रहने को घर ही नहीं बल्कि पूरे परिवार का माहौल भी देती हैं।

अलजज़ीरा ने इस प्रकाश कौर बीबी व इस घर पर स्टोरी प्रकाशित की है। इसके अनुसार प्रकाश कौर यह काम एक ऐसे प्रदेश में कर रही हैं जहां बेटों के जन्म पर पार्टी होती है जश्न मनाया जाता है जबकि बेटियों के जन्म पर चेहरे उतर जाते हैं। यही कारण है कि आए दिन कोई न कोई नवजात बच्ची जालंधर किसी सड़क के किनारे, रेल लाइनों के आसपास या कचरे के डिब्बों में, कंबल खेस या मोमजामे में लिपटी मिलती है।

प्रकाश कौर बीबी की ज़िद इसी भेदभाव व नाबराबरी के खिलाफ है। वे जिंदगी के मैदान में इस तरह की बेटियों को भी एक उचित मौक़ा देना चाहती हैं। प्रकाश कौर कहती हैं कि रब्ब ने बच्चियों के लिए एक घर शुरू करने का सपना उनके दिमाग में डाला था।

दरअसल प्रकाश कौर बीबी का बचपन भी इसी तरह की परित्यक्ता बच्ची के रूप में बीता। वे बच्चियों के लिए बने किसी एक आश्रय स्थल में पली बढ़ीं और 1993 में जब सिर्फ 24 साल की थीं तो इस तरह की बच्चियों के लिए एक कमरे में ‘यूनीक होम फ़ॉर गर्ल्स’ शुरू किया। पहले यह घर आसपड़ोस के लोगों की मदद से चलता था जो कि राशन का सामान का योगदान करते। बाद में एक ट्रस्ट बना और यह यूनीक होम सही ढंग से काम करने लगा।

अपनी ज़िंदगी में पहले कुछ छोटे छोटे कदम रख रहीं, स्कूल के जरिए दुनिया जहाँ से रूबरू हो रहीं और युवावस्था की ओर बढ़ रहीं किशोरियाँ… सभी इसी घर में एक साथ रहती हैं। यही उनका परिवार है। इस घर में आने वाले बच्चियों को सबसे पहले उचित देखभाल के साथ शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ बनाया जाता है। दूसरी प्राथमिकता उनकी उचित शिक्षा दीक्षा होती है। इस घर की सभी बच्चियाँ इलाके के सबसे अच्छे स्कूलों में पढ़ रही हैं।

अब तो यूनीक होम ने अपने भवन के बाहर एक झूला भी रख दिया है ताकि अगर कोई अभिभावक अपनी बच्ची को त्यागना चाहता है तो उसमें छोड़ जाए। इसके भवन पर लिखा है.. ‘बेटियों को त्यागे नहीं, हर कोई इतनी भाग्यशाली नहीं होती कि यूनीक होम पहुँच जाए।’

अलजजीरा की पूरी स्टोरी यहां पढ़ें

यूनीक होम फोर गर्ल्स की वेबसाइट

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटरपर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App