ब्रह्मोस क्रूज म‍िसाइल को लेकर भारत के इस कदम से चीन बौखला जाएगा!

BY EP Hindi | PUBLISHED: 18 August 2017

भारत-चीन के बीच डोकलाम सीमा विवाद और करीब एक दशक से चली आ रही तनातनी के बीच वियतनाम ने कथित तौर पर भारतीय ब्रह्मोस सुपरसोनिक एंटी शिप क्रूज मिसाइल का अधिग्रहण किया है। भारत द्वारा वियतनाम को ब्रह्मोस दिए जाने से चीन को और गुस्सा आ सकता है क्योंकि ब्रह्मोस दुनिया के सबसे उन्नत मिसाइलों में से एक माना जाता है और माना जा रहा है कि वियतनाम इस मिसाइल को चीन के खिलाफ समंदर में तैनात कर सकता है। बता दें कि चीन और वियतनाम के बीच भी दशकों से तनातनी बरकरार है। दक्षिणी चीन सागर विवाद पर वियतनाम और चीन में हमेशा ठनती रही है।

हालांकि, भारत ने मिसाइल बिक्री पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है और इसका विवरण भी अब तक उपलब्ध नहीं हो सका है कि वियतनाम को बेची गई मिसाइल का कितना मूल्य है या कितनी मिसाइल प्रणाली सौदे में शामिल है। चीन के खिलाफ भारत हमेशा से वियतनाम को मदद करता रहा है। इसके अलावा भारत वियतनाम को आकाश मिसाइल देने पर भी विचार कर रहा है, वहीं सुखोई 30 एमकेआई लड़ाकू विमानों भी प्रशिक्षण देगा।

शुक्रवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में मिसाइल पर एक सवाल का जवाब देते हुए वियतनामी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ले थी गुरु हांग ने कहा कि वियतनाम द्वारा रक्षा उपकरणों की खरीद शांति और आत्मरक्षा की नीति के अनुरूप है और यह राष्ट्रीय रक्षा में सामान्य अभ्यास है। उन्होंने कहा कि वियतनाम और भारत आपसी व्यापक सामरिक रणनीति और भागीदारी के तहत क्षेत्र में शांति, स्थिरता, सहयोग और विकास में व्यावहारिक योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा में सहयोग भी शामिल है।

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Source - एडिट प्लैटर