पाकिस्तानी सेना प्रमुख बनने तक बाजवा की राह

लेफ्टिनेंट जनरल कमर जावेद बाजवा को पाकिस्तानी सेना का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है। वह जनरल राहिल शरीफ की जगह लेंगे। बाजवा की नियुक्ति को मीडिया और विश्लेषकों के एक तबके में हैरानी के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि वे इस पद की दौड़ में शामिल चार शीर्ष दावेदारों में चौथे स्थान पर थे। यानी, वरिष्ठता क्रम में चौथे स्थान पर।

कमर जावेद बाजवा

पाकिस्तान के अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून में कामरान यूसुफ ने इस मुद्दे पर एक रपट प्रकाशित की है।

इसके अनुसार प्रधानमंत्री शरीफ द्वारा देश के सबसे चुनौतीपूर्ण व शक्तिशाली पद के लिए चुने जाने से पहले तक बाजवा इतनी चर्चा में नहीं थे। एक तरह से गुमनाम थे। लेकिन जैसे ही उन्हें सेना प्रमुख बनाया गया, घर-घर में चर्चा होने लगी। वे इसी तरह से चर्चा में आए हैं।

इस रपट के अनुसार जनरल बाजवा की नियुक्ति पर हैरानी इसलिए भी हो रही है क्योंकि प्रधानमंत्री को जिन पांच संभावित दावेदारों के नाम भेजे गए थे उनमें वे नीचे से दूसरे यानी चौथे स्थान पर थे।

रपट के अनुसार प्रधानमंत्री शरीफ के लिए जनरल बाजवा की जिस बात ने सबसे अधिक प्रभावित किया वह पाकिस्तान तहरीके इंसाफ पार्टी के 2014 के धरने में उनके ‘अराजनीतिक रुख’ व महत्वपूर्ण भूमिका है। माना जाता है कि इस दौरान जनरल बाजवा का रुख लोकतांत्रिक प्रक्रिया के समर्थन वाला रहा।

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Source - कामरान यूसुफ, द एक्सप्रेस ट्रिब्यून

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28 November 2016