यूरोप में आतंक व गुस्सा फैला रहा है हर 84 घंटों में एक IS हमला

CNN

यूरोप व इतर दुनिया में इस साल आईएस से जुड़े हमलों में तेज़ी आई है। यूरोप से लेकर तुर्की, बांग्लादेश से लेकर अमेरिका व इंडोनेशिया तक … इस तरह के हमले देखने को मिले हैं।

आतंकवादी घटनाओं पर निगाह रखने वाले शोध संस्थान इंटेलसेंट का कहना है कि आठ जून के बाद से आईएस से जुड़े हमलों की संख्या बढ़ी है और लगभग हर 84 घंटे में ऐसा एक हमला हो रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि ये हमले इराक, सीरिया या मिस्र या लीबिया जैसे ‘युदध क्षेत्र’ माने जाने वाले इलाकों के बाहर हुए हैं।

आतंकवादी हमलों के बारे में सीएनएन का अपना अध्ययन इस निष्कर्ष का समर्थन करता है।

इंटेलसेंट का कहना है कि इस दौरान जो आतंकवादी हमले हुए हैं उनमें से आधे से ज़्यादा उन अपेक्षाकृत छोटे या अनजान शहरों में हुए हैं जिन्हें आमतौर पर ‘आतंकवादी हमलों के खतरे वाले पारंपरिक’ शहरों में नहीं माना जाता।

इस तरह के भीषण आतंकवादी हमलों से यूरोप में जनता में बेचैनी बढ़ी है आतंकवाद के खतरे से निपटने की क्षमता को लेकर सरकारों में उनका भरोसा डिगा है।

इसके साथ ही इन हमलों के बाद, लोगों का न्यायिक प्रणाली के प्रति भरोसा भी कमज़ोर हुआ है क्योंकि उस पर आरोप है कि वह इतने खतरनाक लोगों को खुले घूमने की छूट दे रह है। उदाहरण के रूप में फ्रांस में पादरी की हत्या करने वालों में से एक हमलावर अदेल केरमिच ने दो बार सीरिया जाने की कोशिश की इसके बावजूद उसे हिरासत से रिहा कर दिया गया और हर दिन चार घंटे घर में बिताने की अनुमति दी गई।

सीएनएन की पूरी रपट यहाँ पढ़ें।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटरपर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App

Source - टिम लिस्टर, सीएनएन