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पूर्वांचल में गंगा का रौद्र रूप, काशी में खतरे के निशान से ऊपर

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वाराणसी। पूर्वांचल में गंगा व सहायक नदियों का रौद्र रूप आज मंगलवार को भी जारी रहा जहां गंगा नदी खतरे के निशान से उपर बह रही है।

क्षेत्र में वाराणसी, गाजीपुर ,बलिया चदौली, मिर्ज़ापुर समेत कई जिलों में बाढ़ की भयावह स्थिति बनी हुई है। वाराणसी मंडल के कमिश्नर नीतिन रमेश गोकर्ण ने प्रशासन व पुलिस के आला अधिकारियों के साथ कल रात आपात बैठक की। इसके बाद निर्देश जारी किया गया कि एक सप्ताह तक अलर्ट जारी कर प्रशासन 24घंटे बाढ़ राहत बचाव कार्य में जुटे।

कमिश्नर गोकर्ण ने कहा कि झाँसी- बुंदेल खंड स्थित माताटीला बांध से लगभग 5लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जो दो से तीन दिन में सहायक नदियों के सहारे वाराणसी पहुंचेगा यही पानी गाजीपुर,बलिया तक जा सकता है इसलिए एहतियात बरती जाये।

उन्होंने कहा है कि बाढ़ चौकियों की संख्या बढाकर वहाँ वायरलेस सैट रखे जाएं ताकि सहायता पहुंचने में देर ना हो। वाराणसी मंडल के 360 गाँव मुहल्ले बाढ़ से बुरी तरह घिर चुके है। लगभग 13.50 लाख लोग प्रभावित है। लगभग 1.50 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद हो चुकी है। केंद्रीय जल आयोग ने आज सुबह बताया कि वाराणसी में गंगा का जलस्तर 72.47 मीटर दर्ज हुआ जो खतरे के निशान से 121 सेंटीमीटर ऊपर चल रहा था।

इसके अनुसार मिर्जापुर में जलस्तर 78.38 व फाफामऊ में सर्वाधिक 86.28मीटर दर्ज किया गया। गाजीपुर में 64.93 मीटर गंगा का उच्चतम स्तर रहा, बलिया में 60.32 मीटर जलस्तर रिकार्ड किया गया। सूबे की अधिकाँश नदिया खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी बाढ़ से युध्द स्तर पर निबटने व ज़रूरी इंतजाम का निर्देश दिए हैं। कई जिलों के डीएम हालात से निबटने के लिये खुद निकल पड़े है। इलाहाबाद में सेना तो वाराणसी समेत पूर्वांचल के कई जिलों में एन डी आर एफ ने कमान सम्भाल ली है। अकेले वाराणसी से अबतक बाढ़ में फँसे सैकड़ों लोगों को बाहर निकाला गया है। गंगा के साथ यमुना, वरुणा,असि, गोमती समेत सभी नदियाँ तबाही मचाने को तैयार नजर आ रही हैं।

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Source - सुशांत मुखर्जी, एडिटप्लैटर.कॉम, वाराणसी