मेरी कब्र में पहली रात मेरे साथ क्या होगा…?

‘मेरी कब्र में पहली रात मेरे साथ क्या होगा’ ये शब्द है उस बहादुर पुलिसवाले कि जो बीते शुक्रवार को आतंकी हमले में शहीद हो गए। शहीद SHO फिरोज अहमद ने वर्ष 2013 में अपने फेसबुक वॉल पर एक कविता लिखी थीं। यह पंक्ति उसी कविता की है। फिरोज अहमद डार (32) को शुक्रवार रात पुलवामा जिले के डोगरीपुरा गांव स्थित उनके परिवार के पैतृक कब्रिस्तान में दफना दिया गया। इस दौरान उनके परिवार वाले उनकी इस कविता के बारे में बातें कर रहे थे। फेसबुक पर अहमद डार की लिखी कविता अब वायरल हो गई है।  अंतरात्मा को झकझोर देने वाली इस कविता को जिसने भी पढ़ा उसकी आंखें नम हो गई हैं। फिरोज अहमद डार ने लिखा कि –

”क्या आपने एक पल के लिए भी रूककर स्वयं से सवाल किया कि मेरी कब्र में मेरे साथ पहली रात को क्या होगा? 
उस पल के बारे में सोचना जब तुम्हारे शव को नहलाया जा रहा होगा और तुम्हारी कब्र तैयार की जा रही होगी. 
उस दिन के बारे में सोचो जब लोग तुम्हें तुम्हारी कब्र तक ले जा रहे होंगे और तुम्हारा परिवार रो रहा होगा..
उस पल के बारे में सोचो जब तुम्हें तुम्हारी कब्र में डाला जा रहा होगा. 
जरा सोचिए… अपनी कब्र में खुद को, उस घने अंधेरे में गड्ढे के अंदर… अकेला.  
उस अंधेरे में आप मदद के लिए चिल्लाएंगे लेकिन… यह काफी संकीर्ण है आपकी हड्डियों को कुचल दिया जाता है. 
आपको अपनी प्रार्थनाएं याद आती है, आप संगीत को याद करते हैं. 
आप हिजाब ना पहनने पर अफसोस जताते हैं. अल्लाह के आदेशों की अनदेखी करने पर आप पछतावा करेंगे 
लेकिन बच नहीं सकेंगे…… 
आप अपने कर्मों के साथ अकेले रहेंगे. ना पैसा ना आभूषण, सिर्फ कर्म… अल्लाह सभी को कब्र की यातनाओं से बचाता है. आमीन.”

आपको बता दें कि कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकियों के इस कायराना हमले में छह पुलिसवाले शहीद हो गए थे। इसी दिन सुरक्षा बलों ने लश्कर के कमांडर जुनैद मट्टु को भी मार गिराया था। 

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Source - एडिट प्लैटर