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राष्ट्रपति बनना ही नहीं चाहते हैं डोनाल्ड ट्रंप: माइकल मोर

Republican U.S. presidential nominee Donald Trump attends a coal mining round table discussion at Fitzgerald Peterbilt in Glade Spring, Virginia August 10, 2016. REUTERS/Eric Thayer

अमरीका में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव अभियान चल रहा है। उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन व डोनाल्ड ट्रंप के बारे में अनेक हस्तियों की राय आ रही है। इस बीच आस्कर विजेता निर्देशक माइकल मोर ने कहा है कि रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप वास्तव में कभी अमेरिका के राष्ट्रपति बनना ही नहीं चाहते।

मोर ने हफ़िंगटन पोस्ट में अपने एक लेख में यह बात कही है। उन्होंने लिखा है,’ दोस्तो, डोनाल्ड ट्रंप वास्तव में कभी अमेरिका के राष्ट्रपति बनना ही नहीं चाहते। मैं इसे तथ्यात्मक आधार पर जानता हूं। मैं यह नहीं बताने जा रहा हूं कि मैं यह कैसे जानता हूं। मैं यह भी नहीं कह रहा कि डोनाल्ड ट्रंप और मेरा एजेंट या वकील एक ही है या स्टाइलिस्ट एक है। मैं निश्चित तौर पर यह भी नहीं कह रहा कि मैंने किसी एजेंसी या एनबीसी के गलियारों में या कहीं और ऐसा कुछ सुना है। लेकिन कुछ लोग हैं जो दीवारों पर लिखी इस तहरीर को पढ़ पा रहे हैं।’

मोर ने लिखा है, “ट्रंप एनबीसी पर अपने शो ‘द अप्रेंटिस’ के प्रस्तोता व स्टार के रूप में सौदे से नाखुश थे। सीधे तौर पर कहें तो वे और अधिक पैसा चाहते थे। राष्ट्रपति पद के लिए चुनावी प्रक्रिया शुरू होने से पहले उनके दिमाग में यह विचार आया कि अगर वे संभावित दावेदारों की दौड़ में शामिल होते हैं तो उन्हें जो तरजीह मिलेगी जो प्रचार मिलेगा उसके बल पर वह और बेहतर सौदा करने की स्थिति में होंगे। इसलिए उन्होंने इस दिशा में काम शुरू कर दिया। उन्होंने अन्य नेटवर्कों के साथ अपना शो स्थानांतरित करने की बात शुरू की। जब आपको यह डर सताता है कि आपका काम किसी और को मिल जाएगा तो ऐसा करते हैं। ट्रंप ने अपने शो को स्थानांतरित करने के लिए दूसरे टीवी नेटवर्कों से बातचीत शुरू की और जब वे ‘गुपचुप तरीके से’ इनके प्रमुख अधिकारियों से मिले तो ट्रंप के हाथ मजबूत हो गए। तब वह जान गए कि अब बड़े पत्ते फेंकने का समय आ गया है।“

मोर के अनुसार— उन्होंने :ट्रंप ने: राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल होने का फैसला किया।

वास्तव में उन्हें राष्ट्रपति पद का चुनाव थोड़े ना लड़ना था… बस घोषणा करो, हजारों लोगों से भरी कुछ रैलियां करो और पहले ओपिनियन पोल के परिणाम का इंतजार करो। और क्या? आप पहले स्थान पर हैं तो वह और बेहतर सौदा कर सकेंगे, यह सौदा उस राशि से कहीं बड़ा होगा जो वह अब पा रहे हैं।

मूर ने अपने आलेख में यह बताया है कि ट्रंप ने किस तरह से पिछले साल 16 जून को अपने पहले संवाददाता सम्मेलन में मेक्सिकन को ‘बलात्कारी’ व ‘नशे का कारोबारी’ बताया। ऐसी कई और बातें भी कीं। हुआ यह कि इन बयानों से आहत एनबीसी ने एक बयान जारी कर उनके चलता कर दिया। यह ट्रंप के लिए बड़ा झटका था। उन्हें इसकी उम्मीद नहीं थी। खैर उन्होंने अपना अभियान जारी रखा ताकि ब्रांड वैल्यू बढा सकें और बेहतर सौदा हासिल कर सकें। मोर का कहना है कि ट्रंप का सारा अभियान वास्तव में इसी सोच पर आधारित है और वे सही मायनों में , वास्तव में कभी भी राष्ट्रपति नहीं बनना चाहते थे, न हैं।

मोर का पूरा आलेख यहाँ पढ़ें।

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Source - माइकल मोर, ह​फ़िंगटन पोस्ट