ताजा समाचार

बूंदों के बेहतर संचय की जरूरत

plate-plough-drought

बारिश विशेषकर मानसून की बारिश की भारत की खेतीबाड़ी व अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका है लेकिन समय पर पूरी बारिश नहीं होना बड़ी समस्या। भारत अपने जल संकट से कैसे निपट सकता है। इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित एक रपट के अनुसार भारत की जल संबंधी चिंताओं का समाधन मानसून के महीनों में पानी को सहेजने तथा बाकी महीनों में इसके इस्तेमाल में छिपा है।

अशोक गुलाटी व भरत शर्मा की इस रपट के अनुसार इस साल जून तक सरकार इस बात को लेकर चिंतित थी कि लगातार सूखे से कैसे निपटा जाए। लेकिन अगस्त के दूसरे पखवाड़े तक, हालात में नाटकीय बदलाव आया और अनेक राज्य बाढ़ के पानी में डूबते नजर आए। जैसे कि बिहार में 50 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए और साढे छह लाख लोग विस्थापित हुए। असम में 18 लाख लोग प्रभावित हुए और 2.4 लाख लोग विस्थापित वहीं उत्तर प्रदेश में 8,70,000 लोग प्रभावित हुए। इस दौरान कई ऐसे इलाकों में भी बाढ़ के हालात देखने को मिले जो कि पहले आमतौर बाढ़ प्रभावित नहीं माने जाते। जैसे कि राजस्थान में जयपुर व जोधपुर सहित कई शहरों में पानी भरने की घटनाएं हुईं। मध्य प्रदेश में ही तीन लाख लोग प्रभावित हुए।

रपट के अनुसार बाढ़ के कारण फसलों, पशुधन, संपत्ति व मानव जीवन को बड़े पैमाने पर होने वाले नुकसान को लेकर चिंता बढ़ रही है। सबसे बड़ी बात है कि बाढ़ और इस नुकसान का क्रम लगातार बढ़ा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुमानों पर गौर किया जाए तो 2000-2013 की अवधि में विभिन्न बाढ़ों के कारण कुल मिलाकर 2,63,848 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। सिर्फ 2003 में यह नुकसान 23,045 करोड़ रुपए था जो 2009 की बाढ़ों में बढ़कर 46,802 करोड़ रुपए हो गया।

रपट के अनुसार इन हालात में सबसे बड़ा सवाल यही है कि: बाढ़ व सूखे की समस्या से कैसे निपटा जाए ताकि जान माल को नुकसान कम से कम हो और हमारी प्रशासनिक ढांचा समस्या से निपटने में अधिक प्रभावी बन सके। इस संदर्भ में, सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि भारत में सबसे अधिक पानी मानसून सीजन यानी जून से सितंबर के 120 दिनों में ही बरसता है। बाकी 245 दिनों में यहां प्रकृति से बहुत कम पानी मिलता है।

रपट के अनुसार पानी की इस विषम उपलब्धता के प्रबंधन व नियमन की जरूरत है ताकि इस पानी का साल भर इस्तेमाल किया जा सके।

पूरी रपट यहाँ पढ़ें।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटरपर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App

Source - अशोक गुलाटी व भरत शर्मा, इंडियन एक्सप्रेस

बड़ी खबरें

12 September 2016