झारखंड में धर्मांतरण को लेकर सरकारी विज्ञापन पर बवाल…

झारखंड में एक सरकारी विज्ञापन को लेकर बवाल मच गया है। दरअसल सरकार ने यहां के अखबारों में एक विज्ञापन निकलवाया है। इस विज्ञापन में धर्मांतरण के बारे में लिखा गया है और महात्मा गांधी की तस्वीर भी लगाई गई है। जो कुछ इस विज्ञापन में लिखा गया है उसके बारे में  कहा गया है कि यह कथन महात्मा गांधी का है। इसमें लिखा गया है कि ‘आदिवासी ईसा मसीह के लिए ईसाई नहीं बनते, बल्कि खाने के लिए धर्मांतरण करते हैं। अब इस विज्ञापन को लेकर ईसाई संगठन और विपक्षी दल राज्य सरकार की आलोचना कर रहे हैं। प्रदेश सरकार का कहना है कि उसने ‘जनता के हित’ में यह विज्ञापन प्रकाशित कराया है। इसमें महात्मा गांधी के अलावा आदिवासी स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वाले बिरसा मुंडा, जाने-माने आदिवासी कांग्रेस नेता कार्तिक उरांव और जनसंघ के नेता दीनदयाल उपाध्याय की भी तस्वीरें हैं।

विज्ञापन में राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास की भी तस्वीर है। विज्ञापन में लिखा गया है कि  ‘ईसाई मिशनरियों को लगता है कि इंसान केवल ईसाई धर्म अपनाकर ही आध्यात्मिक मुक्ति पा सकता है। उन्हें मेरे और महादेव देसाई (गांधी के निजी सचिव) के साथ यह प्रयोग करना चाहिए।’ इसमें आगे लिखा है, ‘आप इन सामान्य, निर्दोष, गरीब और निरक्षर आदिवासियों का धर्मांतरण करने पर जोर क्यों देते हैं? ये आदिवासी किसी गाय की ही तरह शांत हैं और सादगी से जीते हैं। ये निरक्षर दलित और आदिवासी ईसा मसीह के लिए ईसाई नहीं बनते, बल्कि अपना पेट भरने के लिए धर्मांतरण कराते हैं।

अब डायरेक्टर ऑफ जेवियर इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल सर्विस ऐलेक्स एक्का ने इस सरकारी विज्ञापन पर आपत्ती जताते हुए कोर्ट जाने की बात कही है।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटरपर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App

Source - एडिट प्लैटर