भारत-पाक तनाव के बीच शरीफ ने की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता

BY EP Hindi | PUBLISHED: 30 June 2017

कश्मीर में युद्ध विराम समझौते के उल्लंघनों को लेकर भारत के साथ चल रहे तनाव के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने एक उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई। नवाज की अध्यक्षता में देश मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने इस बैठक में भारत के साथ अपने रिश्तों पर चर्चा की। यह बैठक ऐसे वक्त में बुलाई गई, जब आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान की भूमिका निशाने पर है। भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका ने भी इसी हफ्ते पाकिस्तान से दो-टूक कहा कि वह सीमा-पार आतंकवाद प्रायोजित करना बंद कर दे। इस पूरे घटनाक्रम से पाकिस्तान इतना बौखला गया कि उसके आतंरिक मामलों के मंत्री चौधरी निसार ने बयान दे डाला कि ट्रंप प्रशासन भारत की बोली बोल रहा है।

रेडियो पाकिस्तान की खबर के अनुसार, इस मीटिंग के दौरान शरीफ को विदेश मामलों से जुड़े अहम मुद्दों के बारे में जानकारी दी गई। भारत और अफगानिस्तान के साथ संबंधों का मुद्दा इस बैठक का अहम मुद्दा रहा। इसमें वित्त मंत्री इसहाक डार और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने शिरकत की।

बैठक का आयोजन ऐसे समय पर किया गया, जब कश्मीर में संघर्ष विराम का कई बार उल्लंघन हो जाने के कारण भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव पसरा हुआ है। दोनों ही पक्ष इन उल्लंघनों के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराते हैं। इस बैठक से कुछ ही दिन पहले अमेरिका ने पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन के नेता सैयद सलाहुद्दीन को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित कर उसपर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री मोदी के 2-दिवसीय अमेरिका दौरे से ठीक पहले लिया गया यह फैसला पाकिस्तान को लेकर ट्रंप प्रशासन का रुख जाहिर करता है। इतना ही नहीं, मोदी और ट्रंप के बीच वाइट हाउस में हुई पहली मुलाकात के बाद दोनों पक्षों की ओर से जारी संयुक्त बयान में पाकिस्तान को हिदायत दी गई थी कि वह सीमा-पार आतंकवाद प्रायोजित करना बंद कर दे। साथ ही, पाकिस्तान को यह भी कहा गया कि वह 26/11 के मुंबई हमलों और पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर उन्हें जल्द से जल्द सजा सुनाए।

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Source - एडिट प्लैटर