दालों का बेहतर व सस्ता विकल्प सोयाबीन!

BY Prithvi | PUBLISHED: 3 August 2016

Daal

दालों के भाव को लेकर खूब बवाल मचा है। आम लोगों से लेकर राजनीतिक पार्टियों तक सबके इससे हित व अहित जुड़े हुए हैं। इस सारी बहस, चर्चा के बीच वरिष्ठ पत्रकार व स्तंभकार स्वामीनाथन ए ए अय्यर का मानना है सोयाबीन या सोया आने वाले समय में दालों का बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। प्रोटीन व कीमत, दोनों के लिहाज से। अय्यर ने अंग्रेजी अखबार द इकनोमिक टाइम्स में अपने आलेख में यह विचार रखा है।

इसमें उन्होंने लिखा है कि दालों की बढ़ती व कीमतें बड़ी खबर है। राहुल गांधी ने हाल ही में कहा कि अरहर दाल के दाम 180 रुपए प्रति किलो तक हो गए हैं यहां तक कि चिकन के दाम से भी महंगे। उन्होंने सलाह दी कि भाजपा को ‘हर हर मोदी’ की जगह ‘अरहर मोदी’ का नारा लगाना चाहिए।

दरअसल दालें गरीब गुरबों के लिए प्रोटीन का मुख्य स्रोत रही है। यही कारण है कि विशृलेषक व राजनेता इस मुददे को लेकर सक्रिय हैं। सरकार का कहना है कि वह दालों का अतिरिक्त आयात कर रही है और इनका बफर स्टाक बना रही है ताकि भविष्य में इनकी कीमतों पर लगाम लगाई जा सके। लेकिन वास्तव में दालों के दाम टूटने वाले हैं। अगर ऐसा हुआ तो, भाजपा ‘अरहर मोदी’ को एक सम्मान के रूप में ले सकती है न कि अपमान के लिहाज से।

इसमें अय्यर ने लिखा है कि दालों के बढ़ते दाम के लिए सबसे बड़ा कारण है कि भारत ने लगातार दो साल सूखा झेला। इसकी सबसे बड़ी मार दालों के उत्पादन पर पड़ी। दालों का उत्पादन 2013—14 में 95.3 लाख टन था जो 2014—15 में 73.3 लाख टन और 2015—16 में 74.8 लाख टन रह गया। जब कमी की पूर्ति आयात के जरिए की जाने लगी तो दाम बढ़ गए। यानी महंगी दालें अपरिहार्य हो गईं।

यहां अय्यर ने सुझाव दिया है कि सोयाबीन भविष्य में दालों का बेहतर व टिकाउ विकल्प साबित हो सकता है। उन्होंने लिखा है कि हालांकि अंडे भी उच्च प्रोटीन वाले विकल्प हैं लेकिन आम लोगों के लिए या बड़ी जनसंख्या के लिए सोयाबीन ही दालों का अच्छा विकल्प होगा। तेल निकालने के बाद सोया में प्रोटीन की मात्रा 40—48 प्रतिशत होती है जबकि विभिन्न दालों में यह मात्रा 20—25 प्रतिशत होती है। वहीं सोया का थोक मूल्य सिर्फ 33 रुपए प्रति किलो है।

एस एस अय्यर का पूरा आलेख यहां पढ़ें।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटरपर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App

Source - एस ए अय्यर, द इकनोमिक टाइम्स