रियो: बीमार पड़ने के लिए सिर्फ तीन चम्मच पानी काफ़ी

Rio

ब्राजील के प्रसिद्ध शहर रियो दि जिनेरो में दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजन ओलंपिक के शुरू होने में कुछ ही दिन बचे हैं लेकिन सके लिए की गई व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब एक अध्ययन में सामने आया है कि रियो दि जिनेरो के उन तालाबों व स्विमिंग पूलों का पानी बहुत दूषित है जहां तैराकी से जुड़ी विभिन्न प्रतियोगिताएं होनी हैं।

एसोसिएटेड प्रेस ने अपने एक लंबे अध्ययन के बाद इस आशय की एक रपट प्रकाशित की है। इसमें कहा गया है कि रियो दि जिनेरो का पानी इतना दूषित है कि अगर तैराक किसी तरह की बीमारी से बचना चाहते हैं तो उन्हें अपनी प्रतियोगिता के दौरान सिर्फ और सिर्फ तीन चम्मच पानी ही गटकना होगा। अगर इससे ज्यादा पानी उनके शरीर में गया नहीं कि वे बीमार हुए नहीं।

यही नहीं इस अध्ययन का निष्कर्ष है कि खराब या प्रदूषित पानी की समस्या केवल तैराकों तक सीमित नहीं है बल्कि ओलंपिक खेलों के दौरान यहां आने वाले पर्यटक भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। रियो के इपानेमा व कोपाकबाना के प्रसिद्ध ‘बीच’ पर पर्यटकों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर खतरों की ओर इस अध्ययन में सकेंत किया गया है।

अध्ययन में कहा गया है कि रियो दि जिनेरो के जलमार्गों में पानी मानव मल तो है ही इसमें विभिन्न तरह के जीवाणु व कीटाणु भी हैं जिससे की ओलंपिक में भाग लेने वाले लगभग 1400 एथलीटों बल्कि आम पर्यटकों का स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।

एसोसिएटेड प्रेस ने लगभग 16 महीने के अध्ययन के बाद यह रपट प्रकाशित की है। इसके अनुसार अमरीका व यूरोप में पानी के शुद्धता का जो तय स्तर है, रियो के ओलंपिक व पैराओलंपिक आयोजन स्थलों पर पर पानी इससे 17 लाख गुणा प्रदूषित है।

उल्लेखनीय है कि रियो दि जिनेरो में ओलंपिक खेल पांच से 21 अगस्त 2016 तक होने हैं।

एसोसिएटेड प्रेस की पूरी रपट यहाँ पढ़ें।

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Source - जैनी बर्चफ़ील़्ड, इंडिपेंडेंट