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ट्रंप को हराने के लिए एकजुट हैं एपल, गूगल व दूसरी प्रौद्योगिकी कंपनियां

अमरीका में राष्ट्रपति पद के चुनाव की दौड़ जोर पकड़ रही है। दोनों प्रत्याशियों, डोनाल्ड ट्रंप व हिलेरी क्लिंटन ने चुनाव अभियान में सबकुछ झोंक दिया है। मीडिया में भी प्रचार प्रसार जोर शोर से चल रहा है। दोनों प्रत्याशियों, उनके व्यवहार, नीतियों को लेकर खूब लिखा जा रहा है। खिलाफ या पक्ष में। इस बीच आरोप लगे हैं कि प्रौद्योगिकी कंपनियों ने डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ गुटबाजी कर ली है और वे उसे हराने में लगी हैं। इन कंपनियों में एपल, ट्वीटर, गूगल व इंस्टाग्राम जैसी दिग्गज शामिल हैं। दरअसल पुरस्कार विजेता लेखक, पत्रकार व राजनीतिक पंडित लिज क्रोकिन ने एक आलेख में यह आरोप लगाया है। रोचक तो यह भी है कि लिज का उक्त आलेख आब्जर्वर में प्रकाशित हुआ है। आब्जर्वर मीडिया के प्रकाशक जेराड कुशनर, डोनाल्ड ट्रंप के रिश्तेदार हैं।

खैर, लिज में अपने आलेख में लिखा है,’मेरे पिता हमेशा कहते रहे कि रूढ़िवादी यानी कंजरवेटिव प्रत्याशियों को चुनाव जीतने के लिए अपने उदारवादी विरोधियों की तुलना में दोगुनी मेहनत करनी होगी क्योंकि वे (कंजरवेटिव) दो विरोधियों से एकसाथ मुकाबला करते हैं: डेमोक्रेटिक पार्टी और मीडिया।’

लिज का कहना है कि वाम झुकाव वाले सभी बड़े मीडिया संस्थान चाहे वह न्यूयार्क टाइम्स हो, एमएसएनबीसी, सीएनएन हो या कि कतिपय मनोरंजन चैनल, सभी :हिलेरी: क्लिंटन की जीत सुनिश्चित करने के लिए यथासंभव जान झोंके हुए हैं। उन्होंने यहां :सीएनएन के वरिष्ठ पत्रकार: वोल्फ बल्तिजर द्वारा डेमोक्रेटिक पार्टी के सम्मेलन में हिलेरी क्लिंटन के नामांकन की खुशी शराब पीकर मनाने की घटना का जिक्र किया है।

लिज का कहना है कि इस बार बात इतनी सी नहीं है। इन चुनावों में :ट्रंप के खिलाफ: चल रहा प्रोपगेंडा इससे भी बड़ा व गहरा है। उन्होंने लिखा है: हमारे आईफोन, आईपैड, सोशल मीडिया नेटवर्क, गूगल और यहां तक कि वीडियो गेम भी हिलेरी क्लिंटन के पक्ष में झुके जा रहे हैं। यह सिहरा देने वाला है।

लिज के अनुसार उन्होंने ट्रंप के समर्थक पॉडकास्ट मागापॅाड पर एक साक्षात्कार किया। इस शो के प्रस्तोता मार्क हेमंड को यह जानकार बड़ी निराशा हुई कि एपल उनके शो को एक ‘मुखर’ चेतावनी के बिना नहीं चलाएगी जबकि एपल की नीतियों के तहत उनके शो में ऐसा कुछ भी नहीं है जिसके लिए इस तरह की चेतावनी की जरूरत हो। लिज का कहना है कि इस घटना के बाद ही उन्होंने इन सब मंचों पर ‘पूर्वाग्रही और सेंसरशिप’ रुख की पड़ताल शुरू की।

अपने आलेख में लिज ने अनेक उदाहरणों के जरिए यह बताने की कोशिश की है कि किस तरह से एपल, गूगल, इंस्टाग्राम, टवीटर जैसी प्रौद्योगिकी कंपनियां डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ हैं। और किस तरह से वे अपने ‘प्रभाव व अधिकारों’ का इस्तेमाल डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ कर रही हैं।

पूरा आलेख यहां पढ़ें।

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Source - लिज क्रोकिन, आब्जर्वर