केजरीवाल को क्यों लगता है कि मोदी उन्हें मरवा सकते हैं?

modi-kejriwal_650x400_41469868488

अरविंद केजरीवाल के इस बयान पर कि उनकी व आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं की हत्या हो सकती है, राजनीतिक व सामाजिक गलियारों में इतना शोर-शराबा क्यों है। कुछ लोगों ने इसे चर्चा में बने रहने का राजनीतिक ड्रामा करार दिया है जबकि लेकिन कुछ लोग बहुत ही चिंतित व व्यथित हैं और अनेक ने तो किसी भी तरह की अवांछित घटना को टालने के लिए सुझाव भी दिए हैं।

मेरा जैसा व्यक्ति जो कि समकालीन राजनीति की इस महत्वपूर्ण हस्ती को करीब से जानता है, कह सकता है कि यह कोई यूँ ही कर दी गई टिप्पणी नहीं है। वह यानी केजरीवाल, मोदी के सबसे कटु आलोचक हैं और कि वे मोदी से सीधे मुकाबले का साहस दिखा चुके हैं।

वहीं मोदी की बात की जाए तो वे परंपरागत राजनेता नहीं है। वे अटल बिहारी वाजपेयी की तरह भी नहीं हैं— करिश्माई और विनम्र, जिन्हें दोस्तों से लेकर दुश्मन तक सब चाहते हों। वे लालकृष्ण आडवाणी की तरह भी नहीं हैं जो कि भाजपा के ‘लौह पुरुष’ व हिंदुत्व के प्रतीक होने के बावजूद नैतिकता के पक्षधर रहे हैं। इसके इतर मोदी निष्ठुर, स्वकेंद्रित हैं और चाहते हैं कि लोग उनसे डरें। उन्हें पार्टी या बाहर किसी तरह की असहमति या विरोध का सामना करने वाले के रूप में नहीं जाना जाता। वे नियंत्रक नियंता हैं जो अंतिम सिरे तक चीजों को अपने ही काबू में रखते हैं। इसमें कोई संशय नहीं कि उनके चाहने वालों की बड़ी संख्या है। आडवाणी को मार्गदर्शक मंडल में डालने के बाद पार्टी में उनको चुनौती देने वाला कोई नहीं बचा है। श्रीमती इंदिरा गांधी की तरह वह प्रधानमंत्री भी हैं और मंत्रिमंडल भी।

पार्टी के बाहर उन्हें दिल्ली में केवल अरविंद केजरीवाल व बिहार में केवल नीतीश कुमार ने चुनौती दी है और हराया भी है। नीतीश तीसरी बार मुख्यमंत्री बने हैं लेकिन अपनी पार्टी के सीमित दायरे के कारण वे बिहार या उससे बाहर, मोदी के लिए कोई खतरा नहीं है। बिहार में भी वे लालू प्रसाद यादव पर निर्भर हैं।

वहीं अरविंद केजरीवाल की राष्ट्रीय अपील है तो आम आदमी पार्टी दिल्ली से बाहर भी तेज़ी से विस्तार कर रही है। पंजाब बहुत कुछ उसके साथ है तो गोवा व उत्तराखंड में आप पार्टी उल्लेखनीय रूप से मजबूत है और किसी भी तरह का उलटफेर करने में सक्षम है। हाल ही में गुजरात में भी आप की लोकप्रियता तेजी से बढ़ती दिखी है। ओड़िशा व झारखंड में आप के लिए बड़ी संभावनाएं निकल सकती हैं। तो मोदी के लिए 2019 के आम चुनावों के लिहाज से चिंताजनक संकेत मिल रहे हैं। जो लोग मोदी को जानते हैं वे कहते हैं कि मोदी को चुनौती देने वाले पसंद नहीं और वह सभी विरोधियों को निष्ठुरता से मिटा देते हैं।

 आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष का पूरा लेख एनडीटीवी पर यहाँ पढ़ें।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटरपर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App

Source - आशुतोष, एनडीटीवी