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हिंदी का दम दिखाता है हयूज जैकमैन की जगह कपिल शर्मा का आना

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प्रमुख घरेलू मोबाइल कंपनी माइक्रोमैक्स ने अपने यूनाइट 4 सीरिज स्मार्टफोन के प्रचार प्रसार के लिए कामेडियन कपिल शर्मा की सेवाएं ली हैं। यह कंपनी के प्रचार प्रसार की रणनीति में बड़े बदलाव का परिचायक है क्योंकि कंपनी ने 2013 से इसके लिए हालीवुड एक्टर हयूज जैकमैन को ब्रांड एंबेसडर बनाया हुआ था।

दरअसल माइक्रोमैक्स इन्फोर्मेटिक्स के इस कदम के पीछे एक बड़ी वजह है। यह वजह है नये स्मार्टफोन में क्षेत्रीय भाषाओं के फीचर को रेखांकित करना। माइक्रोमैक्स ने कपिल शर्मा की सेवाएं ही नहीं लीं बल्कि अंग्रेजी भाषा से जुड़ी अकड़ पर निशाना साधते हुए विज्ञापन ‘अंग्रेजीपंती को अंगूठा’ भी करवाया और यह बताने की कोशिश की कि हमारी अपनी भाषा भी कोई बुरी नहीं है। उसमें बात करना भी हीनता नहीं है।

माइक्रोमैक्स इस तरह का कदम उठाने वाली पहली कंपनी नहीं है। जापानी कंपनी अपने पी सीरिज स्मार्टफोन में क्षेत्रीय भाषाओं के फीचर को प्रमुखता से उठा रही है और इसका बड़े पैमाने पर प्रचार प्रसार कर रही है। इसी साल कार्बन मोबाइल ने अपने के9 स्मार्टफोन के लिए विज्ञापन अभियान शुरू किया तो उसमें प्रमुख तथ्य यही था कि यह क्षेत्रीय भाषाओं में भी काम करता है।

कंपनियों के रुख में आया यह बदलाव दरअसल हिंदी सहित अन्य स्थानीय भाषाओं के प्रति बढ़ती जागरूकता व सहजता है। लोगों को अपनी भाषा में संवाद करना, मैसेज करना, बात करना अखरता नहीं बल्कि वे इसमें अधिक सहज रहते हैं। स्मार्टफोन में स्थानीय भाषाओं से जुड़े फीचर कोई नई बात नहीं है। नई बात है कंपनियों द्वारा इसे प्रमुख से रेखांकित करना, इसके प्रचार प्रसार पर बड़ी राशि खर्च करना। जैसे कि पैनासोनिक ने अपने स्मार्टफोन में क्षेत्रीय भाषाओं के फीचर से जुड़े विज्ञापन आदि पर पिछले एक साल में लगभग 25 करोड़ रुपए खर्च किए। इसी तरह कार्बन मोबाइल का कहना है कि के9 स्मार्टफोन के लिए उसका विज्ञापन अभियान 25 करोड़ रुपए का था।

दरअसल क्षेत्रीय भाषाओं का जो बड़ा बाजार है उसे देखते कंपनियां इसमें बड़ा निवेश कर रही हैं।

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Source - सौम्या तिवारी, मिंट