21वीं सदी की 100 महानतम फ़िल्में

AMF1WH Empty chairs at cinema or theater. Blue tone.

‘सिनेमा की मौत’ की बात करने वाले नये नहीं हैं। वर्षों से इसको लेकर बात हो रही है, बहस चल रही है कि सिनेमा मर रहा है या मर गया है। आलोचकों का कहना है कि सुपरहीरो अवधारणा वाली बड़े बजट की फिल्मों की कीमत पर ‘छोटी फिल्में’ दम तोड़ रही हैं। स्टूडियो या निर्माता कंपनियों, कार्यकारियों का मानना है कि ‘वीडियो आन डिमांड’ से तो लोग सिनेमाघर जाना ही छोड़ देंगे। उनका मानना है कि ‘वीडियो आन डिमांड’ से सिनेमा या पारंपरिक सिनेमाघरों को जो नुकसान होगा वह ब्राडकास्ट व केबल टीवी से भी अधिक होगा।

बीबीसी ने एक सर्वेक्षण कर 21वीं सदी की 100 श्रेष्ठ या महानतम फिल्मों की सूची तैयार की है। बीबीसी का कहना है कि ऐसा नहीं है कि अच्छी या फिल्में अब बनती नहीं हैं बल्कि शायद दर्शक ऐसी फिल्मों को खोजने के लिए उतनी मेहनत नहीं कर रहे। यह समस्या सिने सितारों या निर्माता निर्देशकों की नहीं है।

इसके अनुसार ऐसा नहीं है कि अच्छी या क्लासिक फिल्मों का दौर गुजर गया है। बीबीसी की यह सूची यह बताती है कि अच्छी व क्लासिक फिल्में अब भी बन रही है, सराही जा रही हैं पर पता नहीं आप और हम उन्हें कैसे नहीं देख पाए।

इस सूची में मलहालेंड ड्राइव, 2001 को पहले स्थान पर रखा गया है। 100 महानतम फिल्मों की सूची में शीर्ष की दस फिल्में इस प्रकार हैं—

  1. मलहालेंड ड्राइव, 2001
  2. इन द मूड फोर लव, 2000
  3. देयर विल बी ब्लड, 2007
  4. स्प्रिटिड अवे, 2001
  5. ब्वायहुड, 2014
  6. इटर्नल सनशाइन आफ द स्पाटलेस माइंड, 2004
  7. द ट्री आफ लाइफ, 2011
  8. यी यी: ए वन एंड टु, 2000
  9. ए सेपरेरशन, 2011
  10. नो कंट्री फोर ओल्ड मैन, 2007

सदी की 100 श्रेष्ठ फिल्मों की पूरी सूची यहाँ देखें।

 

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटरपर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App

Source - बीबीसी