धीमी आर्थिक विकास दर को लेकर केंद्रीय बैंकरों की चिंता

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जैक्सन होल, वायोमिंग में केंद्रीय बैंकों के आला अधिकारियों की बैठक में जेनेट येलेन ने वही आश्वासन दिया जिसकी वहाँ आए अनेक लोगों को उम्मीद थी। अमरीका के केंद्रीय बैंक, फेडरल रिजर्व की प्रमुख जेनेट येलेन ने शुक्रवार को कहा कि हो सकता है कि ब्याज दर निचले स्तर पर बनी रहे लेकिन किसी तरह की नयी मंदी अचानक आ धमकती है तो अमरीकी केंद्रीय बैंक को उससे लड़ने का कोई हथियार नहीं होगा।

लेकिन जेनेट येलेन के इस आश्वासन के बावजूद अनेक अर्थशास्त्री बेचैन हैं। उनकी बैठकें इन चिंताओं को रेखांकित करने वाली हैं कि पश्चिमी केंद्रीय बैंकों के पास क्या इतनी गुंजाइश बची है कि वे सरकार के अन्य विभागों से मदद के बिना ही वृद्धि को बल दे सकें। आर्थिक वृद्धि को बढ़ा सकें।

गिरावट के आठ साल बाद भी अमरीका सहित प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं मुद्रास्फीति के अपेक्षाकृत निम्न लक्ष्य, अति निम्न ब्याज दरों व मामूली वृद्धि दर पर बनी हुई हैं। अमरीका सहित अन्य देशों में नीति निर्माताओं द्वारा कार्रवाई नहीं की गई तो ये देश निम्न वृद्धि दर की राह पर अटके रह सकते हैं जो कि अगली मंदी के स्थिति में उनके लिए भारी हो सकता है।

पूर्व गवर्नर तथा यूनिवर्सिटी आफ शिकागो बूथ स्कूल आफ बिजनेस में प्रोफेसर रेंडल क्रोजनर ने कहा,’केंद्रीय बैंकों के तरकश में तीर अब भी बचे हैं हालांकि वे शायद अब उतने प्रभावी नहीं हों जितने कि संकट से पहले थे।’ उन्होंने कहा,’अनेक केंद्रीय बैंकों से ऐसे काम करने को कहा जा रहा है जो कि वे नहीं कर सकते। केंद्रीय बैंक अपस्फीति से लड़ने की कोशिश कर सकते हैं. लेकिन केंद्रीय बैंक वृद्धि पैदा नहीं कर सकते।’

फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ क्लीवलैंड की अध्यक्ष लोरेता मेस्टर ने एक साक्षात्कार में कहा कि वे मानती हैं कि अमरीकी केंद्रीय बैंक को पहले से आजमाए गए नुस्खों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए ताकि भविष्य में किसी तरह की नरमी से बचा जा सके। इस तरह के कदमों में मात्रात्मक ढील तथा भावी दिशा निर्देश या अनुमान शामिल हैं। वहीं सेन फ्रेंसिस्को फेडरल रिजर्व के जान विलियम्स का विचार है कि फेडरल रिजर्व के दो प्रतिशत के मुद्रास्फीति के लक्ष्य को समाप्त किया जाना चाहिए।

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Source - सैम फ्लेमिंग, फाइनेंशियल टाइम्स