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कितनी सुरक्षित हो रही है दुनिया!

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पिछले महीने कोलंबिया की सरकार और वामपंथी गुरिल्‍ला गुट रेवोल्‍यूशनरी आर्म्ड फोर्सेस आफ कोलंबिया (FARC) विद्रोहियों के बीच शांति समझौते पर सहमति बन गई है। इसके साथ ही करीब पांच दशक से चला आ रहा संघर्ष खत्म हो जाएगा। कोलंबिया के इस संघर्ष में 2.20 लाख से ज़्यादा लोगों की जान गई जबकि लगभग 50 लाख लोग विस्थापित हुए हैं। हालांकि शांति समझौते पर अभी देश की जनता ही आखिरी मुहर लगाएगी और ये काम जनमत संग्रह के जरिए इस साल अक्‍तूबर तक होने की उम्मीद है। वामपंथी गोरिल्ला गुट साल 1964 से ही संघर्षरत था और इसे लातिन अमरीका की सबसे पुरानी लड़ाइयों में गिना जाता है।

न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स ने इस घटना के मद्देनजर यह बहस करवाई है कि क्‍या दुनिया और अधिक सुरक्षित हुई है। इस मुद्दे पर विभिन्‍न विशेषज्ञों ने राय रखी है। इनमें से ट्रूमेन नेशनल सिक्‍युरिटी प्रोजेक्‍ट में फेलो अली वाइने की राय है कि बड़ी जटिलाओं तथा बड़े खतरों को आपस में मिलाएं नहीं।

कुछ लोग ही इसका विरोध करेंगे कि दुनिया का क्रम यानी world order वह जटिल होता जा रहा है। यूरोप, पश्चिम एशिया व एशिया प्रशांत क्षेत्र में बुनियादी रणनीतिक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। अच्छा हो या खराब लेकिन सरकार से इतर ताकतों को बहुत बल मिला मिला है। ड्रोन हमलों के बढ़ते इस्तेमाल तथा ‘ग्रे जोन’ सुरक्षा चुनौतियों के प्रसार से युद्ध और शांति के बीच की सीमा बहुत धुंधली हो गई है। ज्यादा से ज्यादा अर्थशास्त्री अब संदेह जता रहे हैं कि कृत्रिम बुद्धिमता (artificial intelligence) की बढ़ती क्षमता से वैश्विक श्रम बाजारों व आपूर्ति शृंखलाओं में बदलाव होगा।

केटो इंस्टीट्यूट में रिसर्च फेलो रक्षा व विदेश नीति अध्ययन एमा एशफोर्ड का मानना है कि हम दुनिया में अपेक्षाकृत कम हिंसा का रुख देख रहे हैं।

उन्होंने लिखा है— मई में एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा,’दुनिया पहले की तुलना में कहीं कम हिंसक है!’ एमा के अनुसार पश्चिम एशिया में हिला देने वाले दैनिक हिंसा, आतंकवादी हमलों व मीडिया रचित अन्य निराशा, हताश करने वाली घटनाओं के बीच ओबामा के इस बयान से सहमति जताना भले ही मुश्किल लगे लेकिन वह सही हैं। भले ही दुनिया भर में हिंसक संघर्ष अब भी चल रहे हों लेकिन व्यापक रुख की बात की जाए तो यह सही दिशा में यानी घटने के क्रम में है।

इस मुद्दे पर पूरी बहस को यहां पढ़ें।

 

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Source - न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स

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7 September 2016