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JIO के वादे और चुनौतियाँ

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रिलायंस इंडस्ट्रीज की दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो ने 4जी सेवाओं के साथ दूरसंचार क्षेत्र में कदम रखा है। कदम क्या रखा है, अपने नेटवर्क पर मुफ्त वायस काल व कहीं सस्ते मोबाइल डेटा प्लानों के साथ बाजार में हलचल मचा दी है। अब सवाल उठ रहे हैं कि रिलायंस जियो के आने से और इन पेशकशों से भारत के दूरसंचार क्षेत्र की दिशा व दशा में क्या बदलाव होगा।

अरिंदम मुखर्जी ने इस विषय पर आउटलुक पत्रिका में एक आलेख लिखा है। इसमें रिलायंस जियो की पेशकशों पर प्रकाश डालते हुए लिखा है कि रिलायंस जियो ने अपने ग्राहकों के लिए हमेशा के लिए मुफ्त वायस काल, लगभग 50 रुपए प्रति जीबी डेटा शुल्क और 31 दिसंबर 2016 तक नि:शुल्क डेटा व अन्य सेवाएं देने की घोषणा की और इसका फायदा नि:संदेह रूप से उपभोक्ताओं को होगा।

वहीं रिलायंस के आने से दूरसंचार कंपनियों के समक्ष चुनौतियों का जिक्र करते हुए रपट में कहा गया है कि जियो की पेशकश से बाकी दूरसंचार कंपनियों पर वायस दरें घटाने का दबाव होगा और यहां तक कि ये शुल्क निम्न स्तर पर लाने के बावजूद वे मुफ्त वायस काल का मुकाबला नहीं कर पाएंगी। फिलहाल दूरसंचार कंपनियों की आय का 70-80 प्रतिशत हिस्सा वायस काल से आता है। इसकी दरें घटाने से उनकी आय पर बहुत बड़ा असर होने जा रहा है।

वहीं रिलायंस जियो के समक्ष चुनौतियों का जिक्र करते हुए इसमें कहा गया है कि कंपनी को अभी इंटरकनेक्शन (IUC) के मुद्दा सुलझाना होगा। उल्लेखनीय है कि रिलायंस जियो यह शिकायत लगातार कर रही है कि एयरटेल, वोडाफोन व आइडिया जैसी मौजूदा दूरसंचार कंपनियां उसे पर्याप्त इंटरकनेक्शन नहीं दे रही हैं। रिलायंस जियो की सेवाओं के सुचारू परिचालन के लिए जरूरी है कि बाकी कंपनियां उसे पर्याप्त IUC दें। इसको लेकर दोनों पक्षों में काफी बयानबाजी हो चुकी है।

इसके साथ ही बड़ा मुद्दा 4जी सक्षम स्मार्टफोनों की उपलब्धता है। ये स्मार्टफोन सस्ते ही नहीं टिकाउ भी होने चाहिए ताकि बड़े पैमाने पर लोग इसे अपना सकें। बेसिक या फीचर फोन और 2जी प्रौद्योगिकी से काम चला रहे ग्राहकों को 4जी अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना महत्वपूर्ण बात है।

पूरी रपट यहाँ पढ़ें।

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Source - अरिंदम मुखर्जी, आउटलुक

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12 September 2016